बंगाल में जामताड़ा-स्टाइल साइबर हब का पर्दाफाश!

नियामतपुर हरिजन पाड़ा में पुलिस का धावा, छह आरोपी हिरासत मेंPBM Digital News Network
आसनसोल | 7 सितंबरजैसे जामताड़ा एक नाम बन गया था साइबर ठगी का, वैसे ही अब पश्चिम बंगाल के औद्योगिक इलाके में एक नया नाम चर्चा में आ गया है—नियामतपुर हरिजन पाड़ा। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कुल्ती थाना क्षेत्र में आज सुबह से जो छापा पड़ा, उसने साफ कर दिया कि साइबर अपराधियों का दूसरा बड़ा अड्डा यहीं सक्रिय था।सुबह होते ही इलाका पुलिस के घेरे में आ गया। आग्नेयास्त्रधारी जवानों की मौजूदगी के साथ गहरी तलाशी शुरू हुई। गुप्त सूचना पर आधारित इस अभियान में पुलिस ने कई तालाबंद घरों के ताले तोड़कर अंदर घुसकर तलाशी ली। कई घरों में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरे भी नजर आए, जो साफ बता रहे थे कि अपराधी खुद अपनी सुरक्षा को लेकर कितने सजग थे। लेकिन विशाल बल की मौजूदगी के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।तलाशी में जो कुछ बरामद हुआ, वह चौंकाने वाला था—दर्जनों मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और ढेर सारे इलेक्ट्रॉनिक-डिजिटल उपकरण। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में सामान देखने के बाद इसे जामताड़ा के बाद बंगाल का ‘दूसरा साइबर हब’ कहने में कोई संकोच नहीं।अब तक छह लोगों को साइबर ठगी के चक्र से जुड़े होने के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा चुका है। एक तरफ तलाशी और जब्ती का काम चल रहा था, दूसरी तरफ आरोपियों से सुराग निकालने के लिए पूछताछ भी जोरों पर थी।यह अभियान सिर्फ स्थानीय स्तर का नहीं था। कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी, आसपास के थानों के इंस्पेक्टर और ओसी—सभी मैदान में उतरे। पुलिस की आशंका है कि इस नेटवर्क की जड़ें सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं हैं। यह राज्य के बाहर देश के अन्य हिस्सों और यहां तक कि विदेश तक फैला हो सकता है।जब्त किए गए सभी सामान अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है—

  • यह चक्र कितने समय से सक्रिय था?
  • इसका मास्टरमाइंड कौन है?
  • नेटवर्क कहां-कहां फैला है?
  • और अब तक कितनी बड़ी रकम की ठगी हुई है?

औद्योगिक क्षेत्र में साइबर अपराधियों के खिलाफ इतना बड़ा और सुनियोजित अभियान हाल के वर्षों में शायद ही देखा गया हो। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।