हिंदुस्तान केबल्स: आसनसोल-चित्तरंजन में अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई, 947 एकड़ जमीन खाली कराने पहुंची DIB की टीम
नयी दिल्ली/आसनसोल, 19 जुलाई: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बंद पड़ी हिंदुस्तान केबल्स की करोड़ों की सरकारी जमीन पर सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। आसनसोल, मैथन, बर्नपुर और चित्तरंजन में अवैध कब्जे के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चल रहा है।
आज सुबह डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस ब्रांच (DIB) और स्पेशल ब्रांच की टीम अचानक हिंदुस्तान केबल्स परिसर पहुंची, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
खुफिया विभाग का औचक निरीक्षण
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के खुफिया विभाग के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने हिंदुस्तान केबल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इसके बाद टीम ने भारी सुरक्षा के बीच जमीन का ग्राउंड सर्वे किया।
इस जांच का मुख्य उद्देश्य 947 एकड़ भूमि की मौजूदा स्थिति का बारीकी से आकलन करना है।
10 सालों में 600 से अधिक क्वार्टर्स जमींदोज
- अवैध कब्जा: भू-माफियाओं ने लगभग 600 सरकारी आवासों को तोड़कर लूटपाट की।
- अवैध निर्माण: खाली जमीनों पर अवैध बाउंड्री और दुकानें खड़ी कर दी गई हैं।
हिंदुस्तान केबल्स के एस्टेट ऑफिसर ने पुलिस को अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था, जिसके आधार पर DIB की टीम मैदान में उतरी है।
प्रशासनिक जांच की प्राथमिकताएं
- कुल अतिक्रमण का दायरा निर्धारित करना।
- जमीन के वैध उपयोग की जांच।
- अवैध कनेक्शन और बाहरी तत्वों की पहचान।
प्रशासनिक सहयोग से भूमि विभाग के माध्यम से जमीन की डिजिटल मापी कर उसे नियंत्रण में लेने की तैयारी चल रही है।
'डबल इंजन सरकार' से उद्योग की उम्मीद
विधायक अरिजीत राय के अनुसार, "डबल इंजन सरकार का लाभ हिंदुस्तान केबल्स की इस भूमि को मिलेगा।" विशेषज्ञों का मानना है कि विवाद-मुक्त जमीन मिलने पर नए उद्योग स्थापित होंगे।
भविष्य की संभावनाएं
नवान्न पर लगा था रोड़ा अटकाने का आरोप, अब एनओसी मिलने की राह साफ नजर आ रही है। राजनीतिक और श्रमिक संगठन भी उद्योग की जमीन पर उद्योग लगाने की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करता है और औद्योगिक क्रांति की शुरुआत होती है।
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