चिरेका प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ भड़का आक्रोश: 3 साल से बंद पॉकेट गेटों को खुलवाने के लिए जामताड़ा DC को सौंपा पत्र

स्थान: मिहिजाम/जामताराब्यूरो रिपोर्ट: पंकज मिश्रा (PBM Digital News)मुख्य समाचार:मिहिजाम/चित्तरंजन: चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) प्रशासन द्वारा सुरक्षा के नाम पर वर्ष 2023 से आमबगान, कुर्मीपाड़ा और कानगोई पॉकेट गेट पर टोटो और बाइक के आवागमन को प्रतिबंधित किए जाने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस गंभीर जन-समस्या को लेकर मिहिजाम नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती जयश्री देवी ने जामताड़ा उपायुक्त (DC) को एक आधिकारिक मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से जामताड़ा DC से चिरेका महाप्रबंधक (GM) के साथ समन्वय स्थापित कर इन बंद पड़े गेटों को सुरक्षा अपग्रेडेशन के साथ पुनः खुलवाने की मांग की गई है।गौरतलब है कि बीते 11 जुलाई को मिहिजाम क्षेत्र के निरीक्षण पर आए जामताड़ा DC ने भी इस मुद्दे पर चिरेका अधिकारियों को सुरक्षा के साथ टोटो परिचालन शुरू करने के कड़े निर्देश और व्यावहारिक सुझाव दिए थे।

चिरेका की कार्रवाई तानाशाही और गैर-कानूनी: कमल गुप्ता

इस संवेदनशील मुद्दे पर आवेदन सौंपने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मिहिजाम नगर परिषद के अध्यक्ष प्रतिनिधि व पूर्व अध्यक्ष कमल गुप्ता ने चिरेका प्रशासन के रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कानून का हवाला देते हुए कहा:

"नियम बेहद स्पष्ट है कि यदि किसी भी जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक सड़क के रूप में 25-30 वर्षों से लगातार किया जा रहा हो, तो वह रास्ता स्वतः ही आम जनता के आवागमन के लिए कानूनी रूप से मान्य हो जाता है। लेकिन यहाँ (आमबगान, कुर्मीपाड़ा और कानगोई) तो स्थिति यह है कि चिरेका (CLW) की स्थापना होने से बहुत पहले से ही स्थानीय ग्रामीण और आम लोग इन रास्तों का उपयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद, चिरेका प्रशासन द्वारा पिछले तीन वर्षों से आम जनता का रास्ता रोकना पूरी तरह से तानाशाहीपूर्ण, दमनकारी और गैर-कानूनी कदम है।"

NH-419 पर बढ़ा ट्रैफिक का दबाव, जनता बेहाल

PBM Digital News से बात करते हुए स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इन तीनों महत्वपूर्ण पॉकेट गेटों से टोटो और दोपहिया वाहनों का प्रवेश बंद होने से पूरा ट्रैफिक लोड मिहिजाम मेन रोड (NH-419) पर आ गया है। इसके कारण शहर में चौबीसों घंटे भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, मरीजों और स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें चंद मीटर की दूरी तय करने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

सुरक्षा के साथ समाधान की मांग

सौपे गए आवेदन में नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि वे रेलवे की सुरक्षा चिंताओं का सम्मान करते हैं। इसलिए प्रशासन इन गेटों पर दोनों तरफ सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए, पर्याप्त हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था करे और सुरक्षा गार्डों की तैनाती करे, ताकि सुरक्षा भी पुख्ता रहे और आम जनता को टोटो व बाइक के आवागमन की सुविधा भी मिल सके।अब देखना यह होगा कि जामताड़ा उपायुक्त के हस्तक्षेप और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इस कड़े रुख के बाद क्या चिरेका प्रशासन अपनी हठधर्मिता छोड़कर जनहित में कोई सकारात्मक कदम उठाता है या नहीं।पल-पल की अपडेट के लिए जुड़े रहिए PBM Digital News Network के साथ।