जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर? लगातार मौतों के बाद BJP का हस्ताक्षर अभियान, मंत्री के दबाव में झूठे केस का आरोप!जामताड़ा, झारखंड:झारखंड के जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य विभाग की कथित लचर व्यवस्था, डॉक्टरों की लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लगातार हो रही मासूमों और आम लोगों की मौतों ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।भाजपा ने आरोप लगाया है कि जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दबाव में पुलिस ने भाजपा जिला अध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं पर झूठी एफआईआर (कांड संख्या 100/26) दर्ज की है।## लापरवाही की वो 4 दर्दनाक घटनाएं, जिन्होंने जामताड़ा को झकझोर दिया:सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, हाल के दिनों में जामताड़ा के सरकारी अस्पतालों में लापरवाही के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है: * सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत: महुल डांगल निवासी रीना कुमारी और उनके गर्भ में पल रहे शिशु की सदर अस्पताल जामताड़ा में इलाज के अभाव में दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बार-बार मिन्नतें करने के बावजूद ड्यूटी डॉक्टरों ने दो घंटे तक मरीज को देखा तक नहीं। * एंटी-वेनम और MBBS डॉक्टर नहीं: कुंडहित निवासी रवि वाद्यकर की मौत कुंडहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई। आरोप है कि सुबह 5 बजे अस्पताल में कोई MBBS डॉक्टर मौजूद नहीं था, और आयुष डॉक्टर के भरोसे काम चलाया जा रहा था। साथ ही समय पर एंटी-वेनम (सांप काटने की दवा) भी उपलब्ध नहीं थी। * 108 एम्बुलेंस की नाकामी: फतेहपुर प्रखंड के झारखंड आंदोलनकारी उमानाथ कोल सड़क दुर्घटना के शिकार हुए, लेकिन समय पर 108 एम्बुलेंस सेवा नहीं मिलने और उचित इलाज के अभाव में उन्होंने दम तोड़ दिया। * मासूम की जान गई: नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई।### "शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर स्वास्थ्य मंत्री के अहंकार को लगी चोट" – BJPभाजपा नेताओं (पूर्व प्रत्याशी माधव चंद्र महतो व अन्य) का कहना है कि इन लगातार हो रही मौतों से आहत होकर जब पीड़ित परिवारों के बुलावे पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण और जामताड़ा नगर के सहयोगी अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(b) के तहत 'शांतिपूर्ण सभा' के अधिकार का पालन करते हुए अस्पताल के मुख्य द्वार से दूर रहकर विरोध जताया।कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई। भाजपा का आरोप है कि:> "इस विरोध प्रदर्शन से स्वास्थ्य मंत्री के अहंकार को ठेस पहुंची, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर बिना किसी पुलिस मैनुअल या BNSS के नियमों का पालन किए, जिला अध्यक्ष समेत 8 निर्दोष कार्यकर्ताओं पर जामताड़ा थाना में झूठा मुकदमा (FIR No. 100/26) दर्ज करवा दिया गया।"> भाजपा का दावा है कि सदर अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच से इस बात का साफ सबूत मिल जाएगा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था।## महामहिम राज्यपाल से न्याय की गुहार, ये हैं मुख्य मांगें:माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को भेजे जा रहे इस ज्ञापन और हस्ताक्षर अभियान के जरिए आम जनता और भाजपा ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं: * झूठी एफआईआर रद्द हो: भाजपा जिला अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए बेबुनियाद और गैर-कानूनी मुकदमे को तुरंत समाप्त किया जाए। * मुआवजे की मांग: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए। * स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार: जामताड़ा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता और जीवन रक्षक दवाओं (जैसे एंटी-वेनम) की सुनिश्चितता की जाए।PBM Digital News Network इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। क्या जामताड़ा की जनता को इस बदहाल स्वास्थ्य तंत्र से मुक्ति मिलेगी? क्या स्वास्थ्य मंत्री इस राजनीतिक घमासान पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे?ब्यूरो रिपोर्ट, PBM Digital News Network (Mojo Channel).