नबन्ना में चमकीं सालानपुर की बेटियां: मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय फुटबॉलर रूपाली बाउरी और तुलसी लोहार को ₹1 लाख के चेक व स्मृति चिह्न से किया सम्मानित

कोलकाता / सालानपुर:राज्य के मुख्य प्रशासनिक भवन ‘नबन्ना’ में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पश्चिम बर्दवान जिले के सालानपुर ब्लॉक की दो दिग्गज महिला फुटबॉलरों—रूपाली बाउरी और तुलसी लोहार को सम्मानित किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं दोनों खिलाड़ियों को स्मृति चिह्न और ₹1 लाख का चेक सौंपकर उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना की।

राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

हिंदुस्तान केबल्स माल बहाल स्थित 'मातृभूमि सॉकर क्लब' की ये दोनों खिलाड़ी भारतीय राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ विदेशों में भी अपने खेल का जलवा बिखेर चुकी हैं:

  • रूपाली बाउरी (स्टॉपर बैक): भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए 14 बार मैदान में उतर चुकी हैं। उन्होंने ईस्ट बंगाल महिला फुटबॉल टीम और 'खेलो इंडिया' जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में खेलने के साथ लगातार 3 वर्षों तक कर्नाटक राज्य टीम की ओर से भी शानदार प्रदर्शन किया।
  • तुलसी लोहार (राइट विंग): भारतीय राष्ट्रीय टीम और बंगाल राज्य टीम की प्रमुख विंगर तुलसी लोहार ने कई अहम व कड़े मुकाबलों का रुख अपनी टीम की ओर मोड़ने में अपनी महारत साबित की है।

2025 नेशनल गेम्स में कांस्य पदक का सफर

वर्ष 2025 के राष्ट्रीय खेलों में पश्चिम बंगाल की महिला फुटबॉल टीम ने उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए तीसरा स्थान प्राप्त कर दिल्ली से कांस्य पदक हासिल किया था। इस पदक विजेता टीम में रूपाली और तुलसी दोनों ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इसी ऐतिहासिक सफलता को सम्मानित करने के लिए राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से इस भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।

प्रशिक्षक संजीव बाउरी के समर्पण की जीत

रूपाली के पिता और मातृभूमि सॉकर क्लब के मुख्य प्रशिक्षक संजीव बाउरी ने इस सम्मान को पूरे पश्चिम बर्दवान और सालानपुर ब्लॉक के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लड़कियां फुटबॉल के जरिए समाज में बदलाव लाने के साथ-साथ अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।संजीव बाउरी पिछले कई वर्षों से हिंदुस्तान केबल्स के माल बहाल मैदान में अपने दम पर एक आवासीय महिला फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं। यहां स्थानीय स्तर के अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाली ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया जा रहा है।