रूस से जुड़े हैकर्स का भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं पर बढ़ता खतरा
नई दिल्ली: रूस के हैकर्स इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को ठगी का निशाना बना रहे हैं, जिससे भारतीय यूजर्स के लिए खतरा बढ़ गया है। इस स्थिति में सतर्कता और सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, ये हैकर्स विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय होकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली तकनीकों में फिशिंग, मैलवेयर और रैंसमवेयर शामिल हैं।
मुख्य बिंदु:
- हैकर्स व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए फिशिंग ईमेल और नकली वेबसाइटों का उपयोग कर रहे हैं।
- मैलवेयर और रैंसमवेयर के जरिए सिस्टम को संक्रमित कर वित्तीय नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
- सोशल मीडिया पर भी फर्जी प्रोफाइल और लिंक के माध्यम से लोगों को धोखा देने की कोशिश की जा रही है।
सतर्कता के लिए सुझाव:
- संदिग्ध लिंक: अज्ञात स्रोतों से प्राप्त ईमेल और मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- पासवर्ड सुरक्षा: मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और नियमित रूप से उन्हें बदलते रहें।
- सुरक्षा सॉफ्टवेयर: अपने सिस्टम में एंटीवायरस और एंटी-मैलवेयर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें।
- दो-स्तरीय प्रमाणीकरण: जहां संभव हो, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को आगाह किया है कि वे ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए जानकारी और जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन है।
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