चित्तरंजन में बड़ा हादसा टला: बेकाबू होकर झाड़ियों में घुसा ट्रेन इंजन से लदा ट्रेलर, स्थानीय लोगों में आक्रोश

PBM Digital News Network | चित्तरंजन (पश्चिम बंगाल)चित्तरंजन रेल शहर में रविवार (26 जुलाई) दोपहर को एक खौफनाक और अजीब घटना घटी, जब एक भारी-भरकम ट्रेन इंजन को ले जा रहा बेकाबू ट्रक (ट्रेलर) सड़क किनारे झाड़ियों में जा घुसा। इस अनहोनी के बाद राहगीर और स्थानीय निवासी स्तब्ध रह गए। घटना चित्तरंजन रेल कारखाने (CLW) के टाइम ऑफिस गेट के पास स्थित ट्रेलर पार्किंग क्षेत्र के समीप हुई।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त एक विशालकाय ट्रेलर पर रेल इंजन लदा हुआ था। चालक जब ट्रेलर को सड़क पर पीछे (रिवर्स) कर रहा था, तभी उसका नियंत्रण छूट गया और ट्रेलर का पिछला हिस्सा झाड़ियों में चला गया। गनीमत थी कि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेलर का अगला हिस्सा सड़क पर रोके रखा। अगर थोड़ी सी भी चूक होती, तो इंजन पलट सकता था, जिससे बड़े हादसे और भारी आर्थिक नुकसान की आशंका थी।

झाड़ियों से इंजन निकालने में छूटे पसीने

हादसे की सूचना मिलते ही चित्तरंजन रेल कारखाना के संबंधित विभाग की टीम क्रेन लेकर मौके पर पहुंची। हालांकि, इंजन का वजन और आकार अत्यधिक होने के कारण साधारण क्रेन से उसे निकालना मुश्किल साबित हुआ। खबर लिखे जाने तक रेलवे प्रशासन भारी उपकरणों की मदद से ट्रेलर और इंजन को सुरक्षित निकालने की कोशिशों में जुटा था।

स्थानीय लोगों का गुस्सा और डर बढ़ा

इस घटना ने चित्तरंजन और आसपास के निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लोग बताते हैं कि रूपनारायणपुर से केबल्स रोड होकर अक्सर भारी-भरकम ट्रेलरों पर रेल इंजन ले जाया जाता है। ये वाहन अक्सर लहराते हुए सड़क पर चलते हैं। लोगों का सवाल है कि यदि ऐसा बेकाबू वाहन घनी आबादी वाले क्षेत्र या बाजार में जाता है, तो कई दुकानें और मकान जमींदोज हो सकते हैं और भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है।

रेल प्रशासन की बेरुखी से नाराजगी

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खतरे को देखते हुए रेलवे प्रशासन से कई बार वैकल्पिक मार्ग से भारी उपकरण और इंजन ले जाने की अपील की गई है, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। कुछ दिन पहले CRMC यूनियन ने सालानपुर के BDO को ज्ञापन सौंपकर 'केबल्स रोड' की मरम्मत की मांग की थी, परंतु रेलवे की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस हादसे ने रेल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हुए लोगों का डर और आक्रोश बढ़ा दिया है।